Updated: 28-06-2025 at 5:30 PM
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मार्च 2019 में नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) द्वारा शुरू की गई, पीएम-कुसुम योजना को प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान योजना भी कहा जाता है।
इस योजना के तहत किसानों को सिंचाई के लिए सौर पंप स्थापित करने के लिए सब्सिडी प्रदान की जाती है, जिससे अधिक टिकाऊ और पर्यावरण के अनुकूल कृषि को बढ़ावा मिल सके।
सौर पंप योजना में कुल लागत का प्रबंधन इस प्रकार किया जाता है: सरकार 60% सब्सिडी देती है, 30% ऋण
प्रदान करती है, और किसान केवल 10% हिस्सा वहन करते हैं।
योजना का नाम: पीएम-कुसुम योजना
पूरा नाम: प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान योजना
शुरुआत: 2019
मंत्रालय: नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE)
उद्देश्य: किसानों के बीच सौर ऊर्जा को बढ़ावा देना और उनकी आय में वृद्धि करना
लक्षित समूह: भारत के किसान
लाभ: सौर ऊर्जा में बदलाव, सिंचाई की लागत में कमी, आदि
प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान योजना, जिसे पीएम-कुसुम योजना के नाम से भी जाना जाता है, भारत सरकार द्वारा 2019 में नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) के तहत शुरू की गई थी।
इस योजना का उद्देश्य किसानों को पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों के बजाय नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है, जिससे पर्यावरण पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों को कम किया जा सके।
प्रधान उद्देश्य के रूप में, उत्थान महाभियान योजना उन्नत तकनीक को किसानों तक पहुंचाती है, जिससे उनकी डीजल पर निर्भरता कम होती है और टिकाऊ तरीकों से सिंचाई में सुधार होता है। इसके लक्ष्य निम्नलिखित हैं:
सौर ऊर्जा से संचालित सिंचाई: सौर पंप स्वच्छ ऊर्जा उत्पन्न करते हैं, जो पर्यावरण के अनुकूल है।
किसानों की आय में सुधार: सौर संयंत्रों से उत्पन्न अतिरिक्त बिजली को सरकार को बेचने की सुविधा देकर किसानों की आय में वृद्धि होती है।
कृषि उत्पादकता में वृद्धि: तकनीक-आधारित खेती से उत्पादकता और स्थायित्व में सुधार होता है।
पीएम-कुसुम योजना के विभिन्न घटक निम्नलिखित हैं, जो इसे बेहतर समझने में मदद करेंगे:
पीएम-कुसुम योजना के तहत किसानों को कई फायदे मिलते हैं। उत्थान महाभियान योजना के प्रमुख लाभ निम्नलिखित हैं:
महत्वपूर्ण सब्सिडी:
ऊर्जा उत्पादन में वृद्धि:
आय सृजन:
ऊसर भूमि का उपयोग:
कृषि जारी रखना:
प्रदूषण में कमी:
बैंक/एनबीएफसी | ब्याज दर (प्रतिवर्ष) |
---|---|
एक्सिस बैंक | 10.75% |
फ्लेक्सिलोन्स | 1% |
एचडीबी फाइनेंशियल सर्विसेज | 8% - 26% |
एचडीएफसी बैंक | 10.75% - 25% |
इंडिफी | 1.50% |
कोटक महिंद्रा बैंक | 16% - 26% |
लेंडिंगकार्ट | 12% - 27% |
एमकैपिटल | 2% |
नियोग्रोथ फाइनेंस | 15% - 40% |
टाटा कैपिटल | 12% |
यूजीआरओ कैपिटल | 9% - 36% |
जो व्यक्ति पीएम-कुसुम योजना के लिए आवेदन करना चाहते हैं, उन्हें पहले यह सुनिश्चित करना होगा कि वे पात्रता मानदंडों में फिट बैठते हैं या नहीं। पात्रता मानदंड निम्नलिखित हैं:
व्यक्तिगत किसान।
किसानों के समूह।
किसान उत्पादक संगठन (FPO)।
पंचायत।
सहकारी समितियां।
जल उपयोगकर्ता संघ।
प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान योजना के लिए आवेदन करने के लिए निम्नलिखित चरणों का पालन करें:
आधिकारिक पोर्टल पर जाएं और पंजीकरण अनुभाग पर क्लिक करें।
पंजीकरण फॉर्म में मांगी गई आवश्यक जानकारी भरें।
घोषणा को पढ़ें और स्वीकार करें, फिर इसे सबमिट करें।
सोलर एग्रीकल्चरल पंपसेट सब्सिडी योजना 2021 पोर्टल पर लॉगिन करें।
ऑनलाइन आवेदन पत्र में सही विवरण भरें, सभी आवश्यक दस्तावेज संलग्न करें और सबमिट करें।
पीएम-कुसुम योजना के लिए आवेदन करने के लिए आवेदकों को निम्नलिखित आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे:
आधार कार्ड।
भूमि अभिलेख, जिसमें खसरा खतौनी शामिल हो।
बैंक खाता पासबुक।
घोषणा फॉर्म का एक प्रारूप भरकर जमा करें।
मोबाइल फोन नंबर।
फॉर्म भरते समय पासपोर्ट आकार का फोटो संलग्न करना न भूलें।
राज्य | कार्यान्वयन एजेंसी |
---|---|
असम | असम पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड |
छत्तीसगढ़ | छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड |
दिल्ली | संबंधित विद्युत वितरण कंपनी |
हरियाणा | दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVN) और उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (UHBVN) |
गोवा | गोवा ऊर्जा विकास एजेंसी |
गुजरात | गुजरात ऊर्जा विकास एजेंसी |
हिमाचल प्रदेश | हिम ऊर्जा (HIMURJA) |
जम्मू और कश्मीर | जम्मू और कश्मीर ऊर्जा विकास एजेंसी (JAKEDA) |
झारखंड | झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (JBVNL) |
केरल | केरल राज्य विद्युत बोर्ड (KSEB) |
मध्य प्रदेश | मध्य प्रदेश ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड (MPUVNL) |
मेघालय | मेघालय ऊर्जा निगम लिमिटेड (MeECL) |
ओडिशा | ओडिशा नवीकरणीय ऊर्जा विकास एजेंसी (OREDA) |
पुदुचेरी | पुदुचेरी विद्युत विभाग |
पंजाब | पंजाब ऊर्जा विकास एजेंसी (PEDA) |
राजस्थान | राजस्थान नवीकरणीय ऊर्जा निगम लिमिटेड (RRECL) |
तमिलनाडु | तमिलनाडु जेनरेशन और डिस्ट्रीब्यूशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (TANGEDCO) |
तेलंगाना | तेलंगाना राज्य नवीकरणीय ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड (TSREDCO) |
त्रिपुरा | त्रिपुरा राज्य विद्युत निगम लिमिटेड (TSECL) |
उत्तर प्रदेश | उत्तर प्रदेश नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा विकास एजेंसी (UPNEDA) |
पीएम-कुसुम योजना का उद्देश्य किसानों को पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों के बजाय नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करना है, ताकि सरकार की स्थिरता की प्रतिबद्धता को बनाए रखा जा सके और पृथ्वी के स्वास्थ्य को सुरक्षित रखा जा सके।
पीएम-कुसुम योजना एक क्रांतिकारी पहल है जो टिकाऊ कृषि प्रथाओं को प्रोत्साहित करती है और किसानों को नवीकरणीय ऊर्जा अपनाने के लिए प्रेरित करती है। भारी सब्सिडी और वित्तीय सहायता देकर, सरकार का उद्देश्य हर किसान के लिए हरित तकनीक को सुलभ बनाना है।
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